आज के समय में किसान को खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए
फसल पंजीकरण (Crop Registration) कराना बहुत जरूरी हो गया है।
पहले यह काम पटवारी या कार्यालय में होता था,
लेकिन अब यह काम मोबाइल से ऑनलाइन किया जा सकता है।
इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि -
मोबाइल से फसल पंजीकरण कैसे करें,
इसके लिए क्या जरूरी है और इसमें कहां-कहां परेशानी आती है।
फसल पंजीकरण क्या है?
फसल पंजीकरण का मतलब है कि
सरकार के पोर्टल पर यह दर्ज करना कि
किस किसान ने
किस खेत में
कौन सी फसल बोई है।
इसी आधार पर: – खाद मिलती है
– बीज मिलता है
– बीमा मिलता है
– सरकारी योजना का लाभ मिलता है
अगर फसल पंजीकरण नहीं होगा
तो किसान को कई जगह परेशानी हो सकती है।
मोबाइल से फसल पंजीकरण क्यों जरूरी है?
आज: – खाद आधार से मिलती है
– सब कुछ ऑनलाइन रिकॉर्ड में होता है
सरकार चाहती है कि: -
👉 कौन किसान
👉 कितनी जमीन में
👉 कौन सी फसल बो रहा है
ये जानकारी पहले से हो
ताकि खाद और योजना सही तरीके से दी जा सके।
फसल पंजीकरण के लिए क्या-क्या चाहिए?
मोबाइल से फसल पंजीकरण करने के लिए:-
1️⃣ आधार कार्ड
2️⃣ मोबाइल नंबर (आधार से जुड़ा हुआ)
3️⃣ खसरा नंबर / जमीन का विवरण
4️⃣ फसल का नाम
5️⃣ स्मार्टफोन
6️⃣ इंटरनेट
अगर इनमें से कोई भी चीज गलत होगी
तो पंजीकरण में दिक्कत आएगी।
मोबाइल से फसल पंजीकरण कैसे करें? (स्टेप बाय स्टेप)
Step 1:- अपने राज्य का फसल पंजीकरण पोर्टल खोलें
(जैसे हरियाणा, राजस्थान, यूपी का अलग पोर्टल होता है)
Step 2:- “किसान पंजीकरण” या “फसल पंजीकरण” पर क्लिक करें
Step 3:- अपना आधार नंबर डालें
और मोबाइल पर आया ओटीपी डालें
Step 4:- अब अपनी जमीन का विवरण भरें
(खसरा नंबर, क्षेत्रफल आदि)
Step 5:- अब बताएं कि आपने कौन सी फसल बोई है
जैसे: – गेहूं
– धान
– सरसों
– कपास
Step 6:- सारी जानकारी जांच लें
और “सबमिट” कर दें
Step 7:-पंजीकरण की रसीद डाउनलोड कर लें
या स्क्रीनशॉट ले लें
फसल पंजीकरण में आने वाली आम समस्याएं
1. आधार से मोबाइल लिंक नहीं
ओटीपी नहीं आता
2. जमीन का रिकॉर्ड गलत
खसरा नंबर नहीं मिलता
3. इंटरनेट नहीं चलता
फॉर्म अधूरा रह जाता है
4. फसल बदलने पर अपडेट नहीं किया
गलत रिकॉर्ड चला जाता है
अगर खुद से न हो तो क्या करें?
अगर किसान खुद से मोबाइल से नहीं कर पा रहा,
तो वह जा सकता है:-
– सीएससी सेंटर
– जन सेवा केंद्र
– कृषि विभाग कार्यालय
– कॉमन सर्विस सेंटर
वहां से मामूली शुल्क में
फसल पंजीकरण हो जाता है।
फसल पंजीकरण से किसान को क्या फायदा है?
✔️ खाद समय पर मिलती है
✔️ बीमा क्लेम आसानी से मिलता है
✔️ सरकारी योजना का लाभ मिलता है
✔️ रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है
✔️ दुकानदार को भी सही जानकारी मिलती है
फसल पंजीकरण न कराने पर क्या नुकसान है?
❌ खाद लेने में परेशानी
❌ बीमा नहीं मिलेगा
❌ सब्सिडी अटक सकती है
❌ सरकारी मदद नहीं मिलेगी
निष्कर्ष
आज के समय में फसल पंजीकरण सिर्फ कागजी काम नहीं है,
बल्कि किसान की पहचान बन गया है।
अगर किसान समय पर
और सही तरीके से
मोबाइल से फसल पंजीकरण कर ले,
तो उसे: 👉 खाद में परेशानी नहीं होगी
👉 योजना का लाभ मिलेगा
👉 लाइन में नहीं लगना पड़ेगा
इसलिए हर किसान को
फसल पंजीकरण जरूर कराना चाहिए।
FAQ Questions
* फसल पंजीकरण क्या है?
फसल पंजीकरण का मतलब है सरकार के पोर्टल पर यह जानकारी दर्ज करना कि किस किसान ने किस जमीन में कौन-सी फसल बोई है।
*मोबाइल से फसल पंजीकरण करने के लिए क्या चाहिए?
मोबाइल से फसल पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, जमीन का विवरण (खसरा नंबर), फसल का नाम और इंटरनेट जरूरी होता है।
*क्या फसल पंजीकरण करना अनिवार्य है?
हां, खाद, बीज, बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फसल पंजीकरण करना जरूरी है।
*अगर मोबाइल से फसल पंजीकरण न हो तो क्या करें?
अगर किसान खुद से मोबाइल से फसल पंजीकरण नहीं कर पा रहा है, तो वह नजदीकी CSC या जन सेवा केंद्र से मदद ले सकता है।
* फसल पंजीकरण न कराने पर क्या नुकसान है?
फसल पंजीकरण न कराने पर खाद मिलने में परेशानी, बीमा क्लेम रुकना और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।



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