कपास की बुवाई से पहले अग्रिम बुकिंग योजना:
हरियाणा में कपास (नरमा) की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। हर वर्ष मार्च–अप्रैल में कपास की बुवाई शुरू होती है। इसी समय किसान बीज खरीदते हैं और अधिकतर मामलों में उन्हें पूरा निर्धारित मूल्य चुकाना पड़ता है।लेकिन कुछ बीज कंपनियाँ कपास की बुवाई से पहले ही किसानों के लिए अग्रिम बुकिंग योजना लेकर आती हैं, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ के साथ-साथ उपयोगी उपहार भी मिलते हैं। ऐसी ही एक योजना Ankur Seeds Pvt. Ltd. द्वारा नरमा बीज पर चलाई जा रही है।
कपास की बुवाई से पहले योजना बनाना क्यों ज़रूरी है?
कपास एक ऐसी फसल है जिसमें शुरुआत से ही सही निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। यदि किसान पहले से योजना बनाकर चलता है तो उसे कई फायदे मिलते हैं:
अच्छी गुणवत्ता का बीज समय पर मिलता है
बुवाई के समय भागदौड़ नहीं करनी पड़ती
अतिरिक्त खर्च से बचाव होता है
कंपनी द्वारा दी जा रही योजनाओं का पूरा लाभ मिलता है
इसी योजना का एक हिस्सा होती है अग्रिम (advance) बुकिंग।
ADVANCE BOOKING योजना क्या होती है?
अग्रिम (advance) बुकिंग का अर्थ है कि किसान बुवाई से पहले ही बीज की बुकिंग करवा देता है और थोड़ी-सी राशि अग्रिम (advance) के रूप में जमा करता है।
इस व्यवस्था में:- बीज का मूल्य बुवाई के समय वाला ही रहता है
किसान को कोई अतिरिक्त महँगाई नहीं चुकानी पड़ती लेकिन अग्रिम राशि देने पर किसान को छूट
या उपहार मिलता है
अंकुर सीड्स (ankur seeds pvt. ltd.)की नरमा बीज अग्रिम (advance) बुकिंग योजना
अंकुर सीड्स द्वारा कपास की बुवाई से पहले किसानों से सीधा संपर्क किया जा रहा है। कंपनी के प्रतिनिधि खेतों में जाकर किसानों से मिल रहे हैं। इसमें वे किसान भी शामिल हैं जिन्होंने पहले अंकुर कंपनी का बीज इस्तेमाल किया है और नए किसानों से भी संपर्क किया जा रहा है।
योजना का उद्देश्य साफ है —
किसान को पहले से जोड़ना और बुवाई के समय अतिरिक्त लाभ देना।
“300 लगाओ 400 पाओ” योजना को आसान उदाहरण से समझें
उदाहरण 1:- छोटा किसान अगर 3 पैकेट नरमा बीज की बुकिंग करता है तो उसको
प्रति पैकेट ₹100 के हिसाब से कुल अग्रिम (advance) राशि = ₹300 जमा करवानी होती है
उसके बदले में उसको 3 पैकेट का कूपन दिया जाता है
उसके बाद बुवाई के समय:- मान लें प्रति पैकेट मूल्य ₹900 है
3 पैकेट का कुल मूल्य = ₹2700 हुआ तो किसान को दुकान पर जाकर
₹2300 नकद देना होता है और ₹300 का कूपन देना होता है
👉 इस प्रकार किसान को ₹100 का सीधा लाभ मिल जाता है।
उदाहरण 2:- अगर मध्यम किसान – 6 पैकेट की बुकिंग करता है तो उसे अग्रिम राशि = ₹600
जमा करवानी होती है उसके बदले में उसको 600 रूपये का कूपन मिलता है
बुवाई के समय यह राशि मूल्य से घटा दी जाती है साथ में कूपन पर दर्शाया गया उपहार भी मिलता है
(जैसे थर्मस और कप) कोई 6 पैकेट लेता है तो उसको ज्यादा फायदा मिलता है 600 रूपये की छूट भी और गिफ्ट्स भी मिलते है
उदाहरण 3:- अगर कोई बड़ा किसान 30 पैकेट की बुकिंग करता है तो उसको
एडवांस जमा कीहुई राशि का 100 रूपये पैकेट के हिसाब से फायदा होगा
और इसके साथ ही एक ट्राली बैग भी मुफ्त मिलेगा
उदाहरण 4:- अगर और बहुत बड़ा किसान 50 पैकेट की एडवांस बूकिं करता है तो उसको भी 100 रूपये पैकेट के हिसाब से 5000 रूपये का सीधा फायदा और 2500 रूपये के मूल्य का चांदी का सिक्का मिलेगा
किसानो के लिए इस योजना के मुख्य लाभ :-
इस प्रकार की अग्रिम बुकिंग योजना किसानों के लिए कई तरह से लाभकारी होती है:
पूरा निर्धारित मूल्य ही देना होता है लेकिन बिना मोलभाव के अतिरिक्त छूट ,उपयोगी
व मूल्यवान उपहार मिल जाते है बुवाई के समय मानसिक शांति
विश्वसनीय कंपनी के बीज पर भरोसा
हरियाणा ज़िले के किसानों के लिए विशेष महत्व (WRITER हरियाणा से है इस लिए में सिर्फ की बात कर रहा हूँ)
यह योजना विशेष रूप से हरियाणा के किसानों के लिए लागू की गई है। स्थानीय स्तर पर किसानों से सीधा संपर्क होने के कारण जानकारी स्पष्ट रहती है और किसी प्रकार का भ्रम नहीं होता।
बीज बुकिंग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:-
कूपन पर लिखी सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें और बीज की किस्म और पैकेट संख्या स्पष्ट रखें
बूकिं के समय दिए गए कूपन सुरक्षित रखें और खरीद के समय कूपन साथ ले जाना न भूलें
निष्कर्ष
कपास की बुवाई से पहले यदि किसान सही जानकारी और योजना के साथ अग्रिम बुकिंग करता है, तो उसे आर्थिक लाभ के साथ-साथ समय और मानसिक शांति भी मिलती है। इस प्रकार की योजनाएँ खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने में मदद करती हैं।

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